अब प्यार न कर पाएँगे हम किसी से

मेरी आँखें बंद थीं लेकिन फिर भी मैं इशानी को अपनी बाँहों में भर कर उसके अंग-अंग को छू कर महसूस कर रहा था हम दोनों ही अपने प्रेम की उत्तेजना से सराबोर थे। यह वो कामोत्तेजना थी.. जो युग-युग से प्यासे प्रेमियों पर आज जी भर कर बरसने वाली थी।

ख्वाहिश पूरी की

दोस्तो, मैं अर्पित सिंह एक बार फिर से अपनी अधूरी प्रेम कहानी की आगे की दास्ताँ ले कर हाज़िर हुआ हूँ। मेरी पिछली कहानियों एक दूसरे में समाये-1 एक दूसरे… [Continue Reading]

बेइन्तिहा मुहब्बत

दोस्तो, मैं अर्पित एक बार फिर से आप के पास अपनी जिंदगी के कुछ यादगार लम्हे बांटने आया हूँ… आप सबने मेरी पिछली कहानियों में मेरे पहले प्यार के बारे… [Continue Reading]

एक दूसरे में समाये-3

इशानी मचलने लगी और उसने अपनी टांगें चौड़ी कर के मेरे लिए जगह बना दी.. मैं अपना लिंग उसकी योनि पर रगड़ रहा था और इशानी अपनी आँखें बंद किए हुए उन मादक क्षणों का पूरा आनन्द ले रही थी…

एक दूसरे में समाये-2

सेक्स का ज्ञान न तो मुझे ही था और न ही इशानी को.. यह सब उत्तेजना में अपने आप ही होता जा रहा था.. उसकी योनि को मुँह में भरते ही इशानी के मुँह से चीख निकल गई और उसने मेरे सर के ऊपर अपने दोनों हाथों को रखा और अपनी योनि पर दबाने लगी..

एक दूसरे में समाये-1

उसने जो बोला, सुन कर मेरे होश ही उड़ गए.. उसने मुझे बताया कि वो बचपन से ही मेरे बारे में सिर्फ अच्छा ही सुनती आ रही है और मन ही मन मुझे प्यार करती है…