होलकर राजा

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चूचियाँ कलमी आम-3

अब मुझे भी अहसास हो गया था कि अब यह चुदने को पूरी तरह तैयार है जो उसके मेरे सीढ़ी चढ़ने पर कहे शब्दों से और सिद्ध हो गया- बाबू, चल तो रही हूँ। कहीं कमर में झटका न आ जाए नही तो क़लमी आम तो क्या संतरे की फांक भी नहीं मिलेगी, मैंने उसे […]

चूचियाँ कलमी आम-2

मैं- सब्ज़ी का तो काकी कुछ बोली नहीं…हाँ, कलमी आम चूसे बहुत दिन हो गए? गौरी- लेकिन मेरे पास तो सब्जियाँ हैं, पहले कहते तो मंडी से ला देती। अच्छा ज़रा टोकरी तो सर पर रखवा दे। बड़े अनमने भाव से बोली- आज तो कुछ ग्राहकी भी नहीं थी। मैंने सोचा कि यह तो गई, […]

चूचियाँ कलमी आम-1

आपके ढेरों ईमेल इस बात के परिचायक हैं कि आपको मेरा साझा अनुभव बहुत पसंद आया, इसके लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद। कई लोगों ने तो आँटी का फ़ोटो और मोबाईल नंबर तक मांग लिया लेकिन आपको तो मालूम ही है कि ऐसे सारे मामलों में राज़दारी बहुत ज़रूरी होती है। चलें छोड़ें… आपके लिए […]

नाम में क्या रखा है-3

On 2014-03-27 Category: पड़ोसी Tags:

प्रेषक : होलकर उन्होंने सर पर कपड़ा कब लपेट लिया था, ध्यान ही नहीं रहा। ‘हाय मेरी सिल्क स्मिता !’ मैंने दिल में सोचा, मैंने धीरे से सर का कपड़ा खोला तो सीले सीले बाल मेरे ऊपर आ गए। मैंने धीरे से ब्लाउज के बटन को एक उंगली से स्टाईल से उचकाकर खोला तो बूब्स […]

नाम में क्या रखा है-2

On 2014-03-27 Category: पड़ोसी Tags:

प्रेषक : होलकर नज़ारा भूले नहीं भूलता, चिकनी, चमकदार चमड़ी का स्पर्श और चिकना पेट आँखों में घूमता रहा, माँ का भोंसड़ा प्लेबाय मैगजीन का ! अन्दर आकर आंटी के नाम की इकसठ बासठ चालू ! कूद के मनी बाहर और असीम शांति का अनुभव ! हाथरस में जो मज़ा, वो किसी और में कहाँ […]

नाम में क्या रखा है-1

On 2014-03-27 Category: पड़ोसी Tags: गैर मर्द

शेक्सपीयर जो अपने आपको बड़ा चाचा चौधरी समझता था, उसने कहा था कि बेशक गुलाब को अगर गुलाब की जगह किसी और नाम से पुकारा जाता तो क्या ? वो ऐसी भीनी भीनी खुशबू नहीं देता लेकिन टेम्स नदी के किनारे अँधेरे सीलन भरे कमरे में बैठ सिर्फ सस्ती रांडों को उधारी में चोद कर […]

नाम में क्या रखा है

On 2012-06-13 Category: पड़ोसी Tags: ओरल सेक्स

शेक्सपीयर जो अपने आपको बड़ा चाचा चौधरी समझता था, उसने कहा कि बेशक गुलाब को अगर गुलाब की जगह किसी और नाम से पुकारा जाता तो क्या वो ऐसी भीनी भीनी खुशबू नहीं देता? लेकिन टेम्स नदी के किनारे अँधेरे सीलन भरे कमरे में बैठ सिर्फ सस्ती राण्डों को उधारी में चोदकर या उधारी न […]

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