मुझे मजा आया-4

(Mujhe Maza Aaya-4)

This story is part of a series:

मेरी मजेदार चुदाई की अगली क़िश्त
हैलो दोस्तो, मैं आपकी कोमल एक बार फिर से हाजिर हूँ।
देरी के लिए माफ़ी चाहती हूँ थोड़ी पढ़ाई की वजह से व्यस्त हो गई थी।

मैं आप सबको धन्यवाद देना चाहती हूँ आपने मेरी पिछली कहानी ‘मुझे मजा आया’ पढ़ी और मुझे बहुत सारे मेल आए..

पर मेरी मजबूरी समझिए मैं सबका जवाब तो नहीं दे सकती।

खैर चलते हैं मेरी कहानी की तरफ कि कैसे मैंने अपनी प्यारी सी चूत में लंड लिया था।

दोस्तों उस दिन-रात में मैंने 3-4 बार चुदाई की थी.. जिसमें मुझे बहुत ही मजा आया था।

मैं अगले दिन सुबह 8 बजे उठी और देखा कि मेरा बॉय-फ्रेंड अभी सो रहा था।

हम दोनों नंगे ही सो गए थे और मैं अलग कमरे में रहती हूँ तो मुझे डर तो किसी का था नहीं।

अब मैंने उठ कर अपनी कच्छी पहनी.. जो मेरे कामरस से भीगी हुई थी।

फिर बाथरूम में जाकर फ्रेश हुई।

वापिस आई तो देखा.. वो अभी भी सो ही रहा था।

मुझे शरारत सूझी.. मैं बिस्तर पर गई और अपनी कच्छी उतारी फिर 69 की स्थिति में अपनी चूत को उसके मुँह पर लगा दिया और थोड़ा दवाब दिया।

वो जैसे ही उठा तो मैं उसके ऊपर लेट गई और उसका लंड अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी और वो अब मेरी चूत चूस रहा था।
तभी उसने एक उंगली मेरी गाण्ड में डाल दी..

मुझे दर्द हुआ और मैंने गाण्ड उठा ली।

अब मैं मजे से उसका लंड चूस रही थी मेरे चूसने से उसका लौड़ा पूरी तरह खड़ा हो गया था।

मैंने पूरा मुँह में ले लिया और लंड मेरे गले तक जा रहा था।

अब वो नीचे से धक्के लगा रहा था और मेरा मुँह चोद रहा था।

इसके साथ ही वो मेरी चूत को भी जोर-जोर से चाट रहा था।

मेरे मुँह से जोर-जोर की आवाजें निकल रही थीं, पर लंड मुँह में होने की वजह से बाहर नहीं आ रही थी।

दोस्तो.. एक बात तो है सुबह-सुबह लंड का साइज़ बड़ा होता है.. कभी भी देख लेना, ये मुझे एक फ्रेंड ने बताया था।

मैं उसका लंड मजे से चूस रही थी और अब वो जोर-जोर से धक्के लगाने लग गया और 15 सेकंड बाद अपना सारा माल मेरे मुँह में ही छोड़ दिया।

जो मैं सारा पी गई।

अब उसने मुझे बिस्तर के किनारे बिठा दिया और अपनी दो ऊँगलियां मेरी चूत में डाल कर रगड़ने लगा..

मुझे लगा कि मैं झड़ने वाली हूँ.. पर ऐसा हुआ नहीं और वो ऊपर की तरफ जोर-जोर के ऊँगलियां अन्दर-बाहर करने लगा।

मैं बहुत जोर से चीखें मार रही थी क्योंकि मुझे बहुत मजा आ रहा था।

अब उसने मुझे खड़ा किया और उंगलियाँ डालनी चालू रखीं.. 3-4 मिनट बाद मेरा पूरा शरीर कांपने लगा और मेरी चूत से ढेर सा मूत बाहर आया।

मेरी टाँगें जोर से कांप रही थीं और मैं नीचे गिर गई और अभी भी चूत से मूत निकल रहा था।

मेरी हालत बहुत खराब हो गई थी।

उसने अपना लंड मेरे मुँह में डाला और चोदने लगा।

करीब 5 मिनट तक उसने ऐसे ही मुझे चोदा।

फिर उसने बोला- आज मैं.. मेरी जान की गाण्ड में लंड डालूँगा।

मैं बहुत खुश हुई क्योंकि मैंने फिल्मों में गाण्ड मारते हुए देखा था… पर मुझे पता था कि दर्द भी होगा।

खैर.. उसने मुझे मेरे टेबल पर चित्त लिटाया और मेरी दोनों टाँगें हवा में उठा दीं और अपनी जीभ से मेरी चूत और गाण्ड को चाटने लगा।

मैं अपने मम्मों को दबा रही थी और सीत्कार निकाल रही थी।

उसने अपने लंड पर ढेर सारा थूक लगाया और मैंने अपने हाथों से अपनी गाण्ड को चौड़ा किया।

जैसे ही लंड का सुपारा मेरी गाण्ड पर लगा.. मुझे बहुत गुदगुदी सी हुई।

अब उसने थोड़ा सा जोर लगाया और अपना सुपारा मेरी गाण्ड में उतार दिया।

मेरे मुँह खुला ही रह गया..
क्योंकि मुझे बेहद दर्द हो रहा था..
2-3 धक्कों में उसने पूरा लंड मेरी गाण्ड में पेल दिया।

अब मैं उसको अपने हाथों से पीछे कर रही थी और लंड निकालने के लिए बोल रही थी।
मुझसे सहन नहीं हो रहा था।

कुछ देर वो ऐसे ही पड़ा रहा और मेरे निप्पलों को चूसता रहा और फिर धीरे-धीरे लंड को अन्दर-बाहर करने लगा..
अब मेरा दर्द कम था और मुझे मजा आ रहा था।

मैं अपनी एक ऊँगली अपनी चूत में डाल कर रगड़ रही थी और वो मुझे जोर-जोर से चोद रहा था।

सच में गाण्ड मरवाने का मजा अलग ही है।

अब मेरी चूत में भी खुजली होने लगी तो मैं अपनी चूत को रगड़ते हुए जोर-जोर से चिल्ला रही थी।

‘यस बेबी.. फ़क मी.. फ़क मी हार्डर.. ऊओह याआअह्ह्ह…’

मैं अब उछल-उछल कर पूरा लंड अन्दर ले रही थी।

थोड़ी ही देर बाद मैं ढीली हो गई क्योंकि मेरा काम हो गया था।

मैं अब बस आवाजें ही निकाल रही थी और मेरा बेबी मुझे चोद रहा था.. कभी वो लंड निकाल कर चूत में डालता तो कभी गाण्ड में पेल देता।

मुझे इसमें बहुत मजा आ रहा था।

अब उसने फिर गाण्ड में डाला और जोर-जोर से चोदने लगा और दो मिनट बाद मेरी गाण्ड में ही झड़ गया।

मैं बहुत संतुष्ट थी.. अपने बॉयफ्रेंड से और उस दिन मैंने एक बार और चुदाई की.. पर उस दिन मेरी गाण्ड में बहुत दर्द हुआ।

फिर हम सारा दिन घूमे और रात को कुछ नहीं किया।

बस बिना कपड़ों के एक-दूसरे के साथ बाँहों मे बाँहें डाल कर सोए।

सच में चुदाई करने का अपना ही मजा है।

आज मेरे बहुत से कॉल-बॉय के साथ सम्पर्क है और लड़कियों के साथ भी.. और भाभियाँ तो अलग ही मांग करती हैं पर मैं अपने बॉय-फ्रेंड के अलावा किसी के साथ चुदाई नहीं करती।

अगली कहानी में मैं बताऊँगी कि कैसे अपनी सहेली के किए लंड का जुगाड़ किया।

आपको कहानी कैसी लगी मुझे मेल कीजिएगा।

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