मेरे पति का छोटा सा लण्ड-3

Mere Pati Ka Chota Sa Lund-3

‘मुझे मोमबत्ती से चुदवाने में बहुत मज़ा आया, लेकिन असली लण्ड से जो मज़ा आएगा वो मोमबत्ती में कहाँ है…
तुम मेरे लिए किसी आदमी का इंतज़ाम कर दो जिसका लण्ड लंबा और मोटा हो। मैं प्रॉमिस करती हूँ कि तुम्हारे अलावा मैं पूरी ज़िंदगी केवल उस आदमी से ही चुदवाऊँगी…’

एक बार फिर वो सोच में पड़ गए और थोड़ी देर बाद वो बोले…

बहुत हुआ इंतजार दोस्तो, अब आइये, जानते हैं आखिर उन्होंने क्या बोला…

वो बोले- ठीक है मेरी जान, मैं तुमसे बेहद प्यार करता हूँ और तुम्हारी ख़ुशी और संतुष्टि के लिए कुछ भी कर सकता हूँ।

मैंने कहा- मैं जानती हूँ जानेमन, आई लव यू टू ! चलो ठीक है, अब तुम मेरी गाण्ड मार लो।

मैं पेट के बल लेट गई।

उन्होंने अपने लण्ड पर थोड़ा सा थूक लगाया और मेरी गाण्ड के छेद पर रख दिया।

मैंने अपने कूल्हे और ऊपर उठा दिए जिससे उनका लण्ड आराम से पूरा मेरी गाण्ड में घुस जाए।

उन्होंने एक धक्का मारा, तो मुझे दर्द होने लगा और मेरे मुँह से एक चीख निकल गई।

उनका लण्ड तो बहुत छोटा था ही, एक ही धक्के में मेरी गाण्ड में आधे से ज़्यादा घुस गया।

उन्होंने और ज़्यादा नहीं डाला और मेरी गाण्ड में अपने लण्ड को अंदर-बाहर करने लगे।

मेरा दर्द दो मिनट में ही कम हो गया और मैं शांत हो गई।

मुझे मज़ा आने लगा और मैं अपना चुत्तड़ उठा-उठा कर उनसे गाण्ड मराने लगी।

उनको भी मज़ा आने लगा।

उन्होंने फिर एक ज़ोरदार धक्का मार दिया तो उनका पूरा लण्ड मेरी गाण्ड में घुस गया।

मेरी गाण्ड बहुत ही टाइट थी।
मेरी चूत की तरह मेरी गांड भी अनचुदी थी, पूरा लण्ड घुसते ही मुझे बहुत तेज़ दर्द होने लगा और मैं चिल्लाने लगी।

लेकिन वो बहुत जोश में थे और रुके नहीं। उन्होंने तेज़ी के साथ अपने लण्ड को मेरी गाण्ड में अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया।

थोड़ी देर बाद मेरा दर्द कुछ कम हो गया और मुझे मज़ा आने लगा। मैं अपनी गाण्ड ऊपर उठा-उठा कर उनका साथ देने लगी।

आज उनके छोटे से लण्ड से मुझे गाण्ड मराने में बहुत मज़ा आ रहा था।

मैंने कहा- रजत, तुम्हारा छोटा लण्ड तो मेरी गाण्ड के ही लायक है, यह मेरी गाण्ड में बहुत टाइट जा रहा है। मुझे खूब मज़ा आ रहा है… जब मुझे कोई दूसरा चोदेगा तो मेरी चूत तुम्हारे लण्ड के लायक नहीं रह जाएगी, यह एकदम ढीली हो जाएगी… तुम मेरी गाण्ड मार लिया करना, इससे तुम्हें भी मज़ा आएगा और मैं भी गाण्ड मराने का मज़ा ले पाऊँगी।

वो बोले- ठीक है, मेरी शालू रानी।

दस मिनट तक मेरी गाण्ड मरने के बाद वो मेरी गाण्ड में ही झड़ गए।

आज मुझे बहुत मज़ा आया था।

उन्होंने अपना लण्ड जैसे ही मेरी गाण्ड से बाहर निकाला तो मैंने बड़े प्यार से उनका लण्ड चाटना शुरू कर दिया।

इतने प्यार से आज तक मैंने उनका लण्ड कभी नहीं चाटा था।

उन्हें खूब मज़ा आने लगा। उसके बाद हम थोड़ी देर तक आराम करते रहे।

वासना आज मेरे ऊपर अपना नंगा-नाच कर रही थी, जिसके चलते पांच मिनट बाद ही मैंने उनके लण्ड को फिर से चूसना शुरू कर दिया।

वो भी बहुत जोश में आ गए और बोले- शालिनी मेरी जान, आज तुम मुझसे दोबारा चुदवाओगी क्या?

मैंने कहा- हाँ बिलकुल मेरी जान, अभी तुमने मेरी गाण्ड मारी है, अब चूत का भी मज़ा ले लो।

लगभग दस मिनट तक मैं उनका लण्ड चूसती रही।

उनका लण्ड फिर से खड़ा हो कर तन गया था। अब उन्होंने मुझे लिटा कर चोदना शुरू कर दिया।

उनका लण्ड मेरी चूत में एक दम ढीला पड़ रहा था, लेकिन वो मुझे चोदते रहे।

चूत में लण्ड के ढीला होने की वजह से मुझे बहुत कम मज़ा आ रहा था, उनके लण्ड पर मेरी चूत की पकड़ एकदम ढीली पड़ गई थी। इस वजह से वो जल्दी झड़ नहीं रहे थे और मैं भी नहीं झड़ रही थी।

वो मेरी चूचियों को बहुत ज़ोर-ज़ोर से मसल रहे थे।

उन्होंने मुझे आज लगभग एक घंटे तक चोदा।

मैं भी आज बहुत खुश थी क्यूंकि उन्होंने मुझे पहले कभी इतनी देर तक नहीं चोदा।

वो मुझे कभी भी दस मिनट से ज़्यादा नहीं चोद पाते थे, बहुत ही जल्दी झड़ जाते थे।

आज ज़्यादा टाइम लगने की वजह से उनको भी बहुत मज़ा आ रहा था, लगभग दस मिनट और चोदने के बाद वो झड़ गए।

आज मैं भी उनकी चुदाई से बहुत मस्त हो गई थी और इस बीच दो बार झड़ चुकी थी।

चोदने के बाद जब वो मेरे ऊपर से हटे तो तुरंत ही मैंने उनके लण्ड को बड़े प्यार से चाटना शुरू कर दिया।

आज हम दोनों बहुत खुश थे, थोड़ी देर बाद हम दोनों बुरी तरह थककर सो गए।

दूसरे दिन फिर जब हमारी वासना ने नंगा नाच नाचा, तो वो मुझे फिर से मोमबत्ती से चोदने लगे।

कुछ देर मज़े लेने के बाद, एक बार फिर जब मैं बहुत ज़्यादा उत्तेजित होने लगी तो मैं बोली- तुमने कल हुई अपनी बातचीत के बारे में कुछ सोचा?

ना जाने क्या सोचते हुए वो बोले…

ठीक आपकी तरह मेरा दिल भी बेचैन था, यह जानने के लिए कि शालिनी के पति के मुँह से निकले अगले शब्द क्या होगें?

जल्द ही हाज़िर हूँगी, उत्सुकता और रोमांच से भरे अगले भाग को लेकर…

आपकी अपनी शालिनी…

आपकी अमूल्य राय मेरी लिए बहुत जरूरी है…

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