Sex Stories Archive for April, 2011

मेरे इम्तिहान की तैयारी

On 2011-04-30 Category: गुरु घण्टाल Tags:

हेलो, मैं हूँ गोपी ! जी हाँ, मैं ही हूँ आपकी जानी पहचानी नाजुक सी, सदा खिलखिलाती सी गोलू मोलू सी गोपी भाभी ! मैं आज आपको अपने कालेज के दिनों की एक मस्त कहानी सुनाने जा रही हूँ.. कि कैसे मैंने बिना पढ़ाई किए इम्तिहान पास किया, मुझे तो बचपन से ही यह कला […]

शराब और शवाब

On 2011-04-29 Category: नौकर-नौकरानी Tags:

प्रेषक : पूनम ओम दोस्तो, मैं आपको एक चुदाई का किस्सा सुनाता हूँ… चुदाई की यह कहानी सुनकर आप का लंड और मुंह तो गीला होना तय है… मैंने कुछ ही दिन पहले अपना कमरा चेंज किया था… काफ़ी अरसे बाद घर में ऊल-ज़ुलूल नौकरानियों के स्थान पर एक बहुत ही सुंदर और सेक्सी नौकरानी […]

तेरी याद साथ है-16

On 2011-04-27 Category: पड़ोसी Tags:

प्रेषक : सोनू चौधरी रिंकी ने एक नज़र आईने पे डाली और उस दृश्य को देखकर एक बार के लिए शरमा सी गई। मैंने अपने हाथ आगे बढ़ा कर उसकी चूचियों को फिर से थामा और उसकी गर्दन पर चुम्बनों की बरसात कर दी। रिंकी ने भी मेरे चुम्बनों का जवाब दिया और अपने हाथ […]

तेरी याद साथ है-15

On 2011-04-26 Category: पड़ोसी Tags:

प्रेषक : सोनू चौधरी उह्ह्ह…जान, थोड़ा धीरे करना…तुम्हारा लंड सच में बहुत ज़ालिम है, मेरी हालत ख़राब कर देगा।” रिंकी ने डरते हुए अपना सर उठा कर मुझसे कहा और अपने दांत भींच लिए। उसकी चूत सच में बहुत कसी थी। अब तक जैसा कि मैं सोच रहा था कि उसने पहले भी लंड खाए […]

तेरी याद साथ है-14

On 2011-04-25 Category: पड़ोसी Tags:

प्रेषक : सोनू चौधरी “रिंकी ने देरी नहीं की और उठ कर मेरे दोनों पैरों के बीच आकर मुझ पर लेट गई। उसका नंगा बदन मेरे नंगे बदन से चिपक गया। मेरा लंड अब भी सख्त था और ठुनक रहा था। रिंकी ने मेरे लंड को अपने हाथों से नीचे की तरफ एडजस्ट किया और […]

तेरी याद साथ है-13

On 2011-04-24 Category: पड़ोसी Tags:

प्रेषक : सोनू चौधरी “जैसे ही उसने अपनी जीभ का स्पर्श मेरे सुपारे से किया मेरे लंड ने एक जोर का ठुनका मारा और एक प्यारी सी काम रस की बूँद बिल्कुल ओस की बूँद की तरह मेरे लंड के मुँह पे आ गई। उस बूँद को देखकर रिंकी ने एक मुस्कान भरी और अपनी […]

तेरी याद साथ है-12

On 2011-04-23 Category: पड़ोसी Tags:

प्रेषक : सोनू चौधरी “दोनों बहनें बिल्कुल समझदार हैं…समय गँवाने का चांस ही नहीं रखतीं।” मैंने मन ही मन सोचा और अपने हाथों को उसकी स्कर्ट के अन्दर डालने लगा। मैंने उसकी जांघों को सहलाते हुए उसके पिछवाड़े पे अपना हाथ रखा… “उफ्फ्फ्फ़…कितनी चिकनी थी उसकी स्किन ! मानो मक्खन मेरे हाथ में है।” मेरे […]

तेरी याद साथ है-11

On 2011-04-22 Category: पड़ोसी Tags:

प्रेषक : सोनू चौधरी मैंने उस वक़्त एक छोटी सी निकर पहनी हुई थी जो कि मेरे जांघों के बहुत ऊपर तक उठा हुआ था। जब रिंकी ने अपने हाथ रखे तो वो आधा मेरे निकर पे और आधा मेरी जांघों पे था। मेरी टांगों पे ढेर सारे बाल थे। रिंकी ने अपनी उँगलियों से […]

तेरी याद साथ है-10

On 2011-04-21 Category: पड़ोसी Tags:

प्रिया ने भी मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए और चूमते हुए कहा,”ठीक है मेरे स्वामी, अब मैं जाती हूँ। लेकिन कल हम अपना अधूरा काम पूरा करेंगे।” और मुझे आँख मार दी। उसने अपनी किताबें और नोट्स उठा लीं और जाने लगी। जाते जाते वो मुड़ कर मेरे पास वापस आई और बिना […]

खुली आँखों का सपना-2

On 2011-04-20 Category: गुरु घण्टाल Tags:

खुली आँखों का सपना-1 पहले भाग में मैंने अपने स्कूल टाइम की बात बताई थी कि कैसे मैंने आशा मिस को चोदा था. उसके बाद भी कई बार उनको चोदा, लेकिन कविता मिस को एक बार भी कुछ नहीं कर पाया. स्कूल से निकलने के बाद भी कविता से बात नहीं हो पाई. सब कुछ […]

खुली आँखों का सपना-1

एक बार फिर अपनी नई कहानी लेकर आया हूँ मैं राजवीर! यह घटना अभी हाल ही में घटी थी मेरा साथ. पर आपको फ्लैशबैक में लेकर जाता हूँ थोड़ी देर के लिए. बात तब की है जब मैं बारहवीं में पढ़ता था. एक टीचर थी वहाँ, 22-23 साल की होगी, नाम था कविता! रंग तो […]

अब दिल क्या करे-2

On 2011-04-17 Category: कोई मिल गया Tags:

प्रेषक : राज कार्तिक मैं बिल्कुल नंगा बाथरूम में खड़ा अपना बदन पोंछ रहा था कि अचानक दरवाजा खुला और साथ ही मेरे कानों में रेशमा की आवाज सुनाई पड़ी। “ओह..माय..गोड.. !” रेशमा अपने मुँह पर हाथ रखे मेरी तरफ देख रही थी। तभी मुझे भी ध्यान आया कि मैं नंगा हूँ। मैंने नीचे देखा […]

अब दिल क्या करे-1

On 2011-04-16 Category: कोई मिल गया Tags:

प्रेषक : राज कार्तिक क्या करे बेचारा दिल जब कोई हसीना अपने हुस्न के ऐसे जलवे दिखाए कि आदमी बेचारा अपना लंगोट ढीला करने को मजबूर हो जाए ! आज के समाज में अक्सर मर्द को दोषी घोषित कर दिया जाता है पर मेरा यह मानना है कि जब तक औरत इशारा ना दे तब […]

पगली वो या हम?

On 2011-04-15 Category: चुदाई की कहानी Tags:

उम्र यही कोई 20-22 साल, बाल गन्दे, उलझे, लेकिन चेहरा सुन्दर है, ख़ास कर उसकी आँखें, फटे हुए वस्त्रों में से उसका बदन बाहर झांकता रहता है जिसे मैं और मेरे साथियों के अलावा सभी देख पाते हैं। मुझे मालूम है कि युवाओं से लेकर अधेड़ तक व मेरे कई साथी उसकी देहयष्टि पर मोहित […]

मुझे मिली इक माधुरी-2

On 2011-04-14 Category: कोई मिल गया Tags:

प्रेषक : धीरज मैंने कहा- एक बात कहूँ? वो बोली- कहो ! मैंने कहा- मुझे तुम्हारे साथ सब कुछ करना है ! वो बोली- यह नहीं हो सकता। मैंने कहा- अगर यह नहीं हो सकता तो मैं आज ही जाने वाला हूँ। वो बोली- यहाँ सब होंगे फिर कैसे? यह सुनते ही मेरी तो जैसे […]

मुझे मिली इक माधुरी-1

On 2011-04-13 Category: कोई मिल गया Tags:

प्रेषक : धीरज नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम धीरज है, उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में रहता हूँ। मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ और काफी दिनों से सोच रहा था कि मैं भी अपनी कहानी आप लोगों तक पहुँचाऊँ और अब जाकर मैं कहानी लिख रहा हूँ। मैं शुरू से ही अकेला रहा हूँ, मेरे घर […]

ग्वालियर में काल गर्ल की चूत की चुदाई

चोर नीचे लेट गया उसके लौड़े पर शब्बो ने अपनी गांड का छेद टिकाया और बैठ गई। उसके बाद उसने मेरा लंड अपने हाथ से पकड़ कर चूत पर लगाया और बोली- मादरचोद, धक्का मार!

प्रियंका की गर्मी

On 2011-04-11 Category: चुदाई की कहानी Tags:

प्रेषक : पंकज हाय दोस्तो, मेरा नाम पंकज (बदला हुआ) है और अभी बीटेक कर रहा हूँ। मैं दुर्गापुर में रहता हूँ। मैंने अन्तर्वासना पर सारी कहानियाँ पढ़ी हैं। मैं इसका नियमित पाठक हूँ। मैं इससे तीन साल से आनंद ले रहा हूँ। इस पर आने वाली सारी कहनियाँ मुझे बहुत ही अच्छी लगती हैं। […]

मैं सुहासिनी हूँ

On 2011-04-10 Category: चुदाई की कहानी Tags:

प्रेषिका : सुहासिनी मेरा नाम सुहासिनी है और मैंने इंग्लिश से एम ए किया है, मैं दिल्ली में रहती हूँ। मेरे पति कारोबारी हैं और वो कोयले की खदानों में से कोयला खरीद कर आगे बेचने का काम करते हैं और इसी सिलसिले में कई बार घर से बाहर रहते हैं। एक दिन मैंने इन्टरनेट […]

मैं भ्रम में रह गया-3

On 2011-04-09 Category: रिश्तों में चुदाई Tags:

प्रेषक : जितेन्द्र कुमार आख़िर जब वो पूरा घुस गया तब मैंने दीदी के पाँव अपने कंधों पर लिए और तल्लीनता से उसे चोदने लगा। दीदी संकोचन करके लण्ड को दबाने की कला अच्छी तरह जानती थी। बीस मिनट की चुदाई में वो दो बार झड़ी। मैंने भी पिचकारी छोड़ दी और कुछ देर बाद […]

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