Sex Stories Archive for October, 2005

… और चूत फ़ड़क उठी

On 2005-10-31 Category: पड़ोसी Tags:

प्रेषिका : नेहा वर्मा शालिनी मेहता ने झांसी से मुझे मेल के द्वारा अपनी कहानी का एक स्वरूप बना कर भेजा था, उसे कहानी के रूप में ढाल कर आपके सामने प्रस्तुत कर रही हूँ। मेरे पति कपिल का दोस्त राजेश, जिसकी यह कहानी है, मेरे घर पर लगभग रोज ही आता था। जब राजेश […]

मामी की प्यास

मामी भी आ गई। देखते ही मैंने उनको अपनी बाँहों में जकड़ लिया, वो भी मुझसे लिपट गई। धीरे-धीरे मैंने उनके और उन्होंने मेरे कपड़े उतारने शुरू कर दिए। उसके बाद मैं लेकर पलंग पर आ गया, हम लोग 69 की अवस्था में लेट गए।

गलत फोन नंबर

On 2005-10-29 Category: कोई मिल गया Tags:

प्रेषक : ? प्यारे दोस्तो मैं जबलपुर का रहने वाला एक २६ वर्षीय युवक हूँ। एक गलत नंबर पर फोन लगने से क्या क्या हो सकता है, मैं आपको बताता हूँ। यह बात उन दिनों की है जब कॉलर आई डी नया नया आया था। उसके बाद फोन पर लड़की पटाने में महारत हासिल कर […]

पति के तीन दोस्तों के नीचे लेटी

रोज़ रात को नशे में आता और पाँच-छह मिनट की चुदाई होती ! मुझे लौड़ा चूसना बहुत पसंद है लेकिन वो ज्यादा नहीं चूसने देता, जैसे ही खड़ा हो जाता, सीधा चूत में डाल देता।

पंजाबी लौड़ा

On 2005-10-27 Category: पड़ोसी Tags:

प्रेषक : गुरप्रीत सिंह हेलो ! आप सब भाभियों और औरतों को चूतों को मेरे नौ इंच के लौड़े का खड़े हो कर प्रणाम ! आप सबने मेरा पहला सेक्स, मेरी सच्ची कहानी को बहुत पसंद किया, मुझे बहुत सारी मेल भी आई, बहुत अच्छा लगा कि आप सबने मेरी कहानी को बहुत पसंद किया। […]

बचपन की दोस्ती

On 2005-10-26 Category: गे सेक्स स्टोरी Tags:

प्रेषक : रवि पुप्लू मेरे गाँव का ही लड़का था और बचपन में हम लोग साथ साथ ही रहे थे। उसका बाप हमारे घर का पुराना नौकर था, मगर गाँव देहात में इन सब चीज़ों को कोई नहीं मानता। हम लोग साथ ही दिन भर खेला करते थे और मेरी उम्र उस समय लगभग अठारह […]

किस्सा है एक रात का

प्रेषक – अभि हाय दोस्तों एक बार फिर आपके लिए इस साईट पर आया हूँ। आपने इतना प्यार दिया है, तभी तो एक और कविता लिख पा रहा हूँ। तो दोस्तों, मामला है एक सेक्स भरी रात का, किस्सा है ये एक चुदाई की रात का। उस रात मेरे मन में जाने क्या झमेला था, […]

मस्त गोरे गोरे टमाटर

On 2005-10-24 Category: गुरु घण्टाल Tags:

प्रेषक : अंश गर्ग हेल्लो मैं संगरूर, पंजाब से, मैं अन्तर्वासना पर लगभग सारी कहानियाँ पढ़ चुका हूँ। मुझे यह सारी कहानियाँ बहुत अच्छी लगी ये सब पढ़ने के बाद मुझे मेरी कहानी लिखने का मन किया सो मैं लिख रहा हूँ। मैं आप लोगों को मेरी ज़िन्दगी में हुई असली और सच्ची सेक्स कथा […]

अगर कुछ हो गया तो?

On 2005-10-23 Category: पड़ोसी Tags:

प्रेषक – साहिल हैलो मेरा नाम साहिल है और मैं आगरा से हूँ। हमारे पड़ोस में एक आँटी रहती हैं जिनकी एक लड़की है जो कि बहुत ही ख़ूबसूरत होने के साथ-साथ बहुत ही सेक्सी भी है। उसकी फिगर ३६-२४-३४ है। जिसका नाम श़बनम था। उसकी नशीली आँखें हमेशा मुझसे कुछ कहतीं थीं। लेकिन मैं […]

अभिनेत्री

प्रेषक : जो हन्टर बात उस समय की है जब मैंने एक फ़ाईव स्टार होटल में नई नई नौकरी शुरू की थी। उस समय मै बाईस वर्ष का एक सुन्दर नौजवान था। होटल मेनेजमेन्ट करते समय मैं जिम जाता था उसके फ़लस्वरूप मेरा शरीर बेलेन्स और सुन्दर हो गया था। मेरी लम्बाई भी लगभग छ: […]

भैया ने बाज़ी मारी

मैं अपनी खिड़की से सामने रहने वाले लड़के को अपनी चूचियां दिखाया करती थी और उसका लंड देखती थी. मेरे भाई को पता चल गया. उसके बाद भाई ने मुझे ब्लैकमेल किया और चोदा तो मुझे मजा आ गया.

नये साथी की तलाश में!

On 2005-10-19 Category: कोई मिल गया Tags:

प्रेषक : संदीप नैन हाय दोस्तो ! सबसे पहले तो मैं अन्तर्वासना का धन्यवाद करना चाहता हूँ मेरी नियमित रूप से कहानी छापने के लिये ! मैं कहानियाँ लिखता भी रहा हूँ और पढ़ता भी रहा हूँ पर नेहा वर्मा की कहानी मुझे बहुत अच्छी लगती है। मैंने अपको अपनी पिछली कहानी ‘लव स्टोरी २००८’ […]

अबोहर में पड़ोसन की मस्त चूत चुदाई

नीरजा अपनी कमर नीचे से जोर जोर हिलाने लगी। नीरजा भी पहली बार चुदाई का इतना मज़ा ले रही थी क्योंकि उसका पति जल्दी ही स्खलित हो जाता था, वो तरसती रहती थी।

मेरी प्यारी भाभी के गोल गोल चूतड़ और गांड

भाभी मुझसे लगभग बारह साल बड़ी थी। मैं उस समय कोई 18-19 साल का था। घर पर सभी मुझे बाबू कह कर बुलाते थे। भाभी की तेज नजरें मुझ पर थी, वो मेरे आगे कुछ ना कुछ ऐसा करती थी कि मेरा लण्ड खड़ा हो जाता था। वो शरीर में भरी पूरी थी और बदन […]

मिस मोनिका

हाय दोस्तो ! मैं हूँ अरमान सिंह 5”10′ मस्त गोरा चिट्टा ! और लंड का आकार है 8 इंच और लड़की को चाहिए भी क्या? ये बात तब की है जब मैं 11वीं में पढ़ता था। मेरे स्कूल में अंग्रेज़ी की अध्यापिका थी- मिस मोनिका दीक्षित ! क्या कयामत थी यार ! देखते ही मुँह […]

नई नौकरानी शबनम

हम नए नए इस घर में आए थे. इस कालोनी में मेरा कोई दोस्त नहीं था. स्कूल से आने के बाद मैं अकेला बैठ कर बोर होता रहता था. पापा सिर्फ सप्ताहाँत पर घर आते थे और मम्मी शाम 6 बजे तक. कुछ ही दिनों में मम्मी ने काम करने के लिए एक नौकरानी रख […]

प्यारी मिनी और उसका सरप्राइज-2

On 2005-10-13 Category: कोई मिल गया Tags:

अन्तर्वासना के सभी पाठको को नमस्कार ! तीन-चार महीने कैसे निकले … जैसे रोकेट से चाँद पर पहुच गए, चार दिन में ही चार महीने पूरे हो गए… फिर अभी लगभग १५ दिन पहले ही एक दिन अचानक उसने चैट करते हुए मुझको अपने घर का पता दिया… मैं दंग रह गया, मैंने पूछा- मिनी […]

प्यारी मिनी और उसका सरप्राइज-1

On 2005-10-12 Category: कोई मिल गया Tags:

अन्तर्वासना के सभी पाठको को नमस्कार ! एक बार फिर मैं आपके सामने अपनी एक बहुत ही हसीन आपबीती लेकर उपस्थित हूँ, आशा करता हूँ कि आप लोगों को पसंद आएगी। लगभग चार महीने पहले मेरे पास एक मेल आई – मैं गवर्नमेंट कोलेज में प्रोफ़ेसर हूँ, मेरी उम्र ५२ साल है, मेरे साथ हुए […]

मैं क्यों शरमाऊँ

On 2005-10-11 Category: रिश्तों में चुदाई Tags:

प्रेषक – विजय कुमार हाय, मेरा नाम विजय है। मैं द्वितीय वर्ष का छात्र हूँ। मैं आपको जो कहानी बताने जा रहा हूँ वह गत वर्ष ग्रीष्मकाल की है। मैं गर्मी की छुट्टियों में मुम्बई गया था। मुम्बई में मेरी चाची रहती हैं। वह वहाँ पर चेम्बुर में रहती हैं। मैं जब मुम्बई गया था […]

Scroll To Top