Sex Stories Archive for 2005

भिलाई वाली सोनल जी

प्रेषक : आशु मेरा नाम आशु है और मैं ६ फीट का एक साधारण सा नौजवान हूँ, स्टील-सिटी भिलाई में रहता हूँ! आप लोगों ने भिलाई स्टील प्लांट का नाम तो जरुर सुना होगा, यहाँ पर स्टील प्लांट की पूरी कालोनी बनी हुई है और घर बहुत ही सलीके के साथ बने हुए हैं ! […]

एक शाम बरसात के नाम

On 2005-12-30 Category: पड़ोसी Tags:

लेखिका : कामिनी सक्सेना हम लोग जहां रहते हैं वो एक पुराना मुहल्ला है। पुराने टाईप के घर है, आपस में लगे हुए। लगभग सभी की छतें एक दूसरे से ऐसे लगी हुई थी कि कोई भी दूसरे की छत पर आ जा सकता था। मेरे पड़ोस में कॉलेज के तीन छात्रों ने एक कमरा […]

साली राजी तो क्या करेगा काजी -2

मैंने कमरे की कुण्डी लगा दी और उसे पकड़ कर खूब किस करने लगा। किस करते समय मुझे यह एहसास हुआ कि वो गाऊन के नीचे कुछ नहीं पहने है। उसकी कड़ी-2 चूची मुझे पागल बना रही थी।

एक ही थैली के चट्टे बट्टे-4

अगर मैं तुम्हें यह छूट दे दूँ कि तुम मेरे कठोर और सुन्दर स्तनों को कपड़े हटा कर देख सकते हो तो बताओ तुम क्या करोगे?

एक ही थैली के चट्टे बट्टे-3

बड़ा मजा आया था शिल्पा को... मेरे भाई ने तुम्हारी बहन को चुदाई का पूरा मजा दिया था... उसकी चूत में खूब जोर जोर के धक्के मारे थे...

रक्षाबंधन या सुहागरात दीदी के साथ

दीदी ने अभी अपनी आँखें बंद कर रखी थी क्योंकि मैं उनके पेट पर, नाभि पर हल्का-हल्का हाथ फेर रहा था। अचानक मैंने दीदी के पेटीकोट के नाड़े की तरफ हाथ बढ़ाया तो...

एक ही थैली के चट्टे बट्टे-2

मेरा भाई मेरी ननद की योनि में अपने लिंग से घर्षण करने लगा था और मैं अपने हाथों से शिल्पा के हाथों को पकड़ कर उनसे अपनी पेंटी का वह हिस्सा रगड़ने लगी थी

एक ही थैली के चट्टे बट्टे-1

मैंने अपने भाई का हाथ पकड़ कर अपने आगे लिटा लिया, उसका लिंग अपने हाथ में सहलाते हुए अपनी योनि में फंसा कर कहा- अब धक्का मारो, इसमें दर्द नहीं होगा!

अपना लंड बाड़ दो !

On 2005-12-23 Category: पड़ोसी Tags:

प्रेषक : वेणु दोस्तो, मेरी यह पहली और सच्ची कहानी है। मैंने इंटर कर लिया था और मेरा सेलेक्शन एयर फोर्स में हो गया था। मेरा सेलेक्शन १९९३ में हुआ था उसके बाद मैं दिल्ली में अपने मामा के घर रहता था। १९९४ में मुझे किसी कारणवश एयर-फोर्स से निकाल दिया क्योंकि दुबारा मेडिकल हुआ […]

जाने कब मिलेंगे

On 2005-12-22 Category: गुरु घण्टाल Tags:

प्रेषक : माणक नाहर हैलो दोस्तो, मैं पहली बार कोई कहानी लिख रहा हूँ। यह मेरी वास्तविक कहानी है। मैं ट्युशन पढ़ाने का कार्य करता हूँ। बात उस समय की है जब शमा परवीन नाम की एक लड़की ट्युशन पढ़ने आई। पहले ही दिन से उसे देखकर ना जाने मेरे मन में क्या होने लगा। […]

चूची में दूध है क्या?

चाची मेरे पास आ गई... मैं चाची की ब्रा को खोल के प्यार से सूंघने लगा... चाची की मादक मुस्कराहट ने और भी मज़ा भर दिया... फिर चाची की पैंटी को एक ही झटके में खोल दिया...

रीना और उसकी सहेली संजना

On 2005-12-20 Category: कोई मिल गया Tags:

प्रेषक : जीत शर्मा मैं जीतू दिल्ली से एक बार फिर आपकी सेवा में हाज़िर हूँ। मेरी पिछली कहानी “रीना को सन्तुष्ट किया” को पढ़कर मुझे काफी लोगों ने मेल किया, उसके लिए मैं आप सबका आभारी हूँ। दोस्तो, आज मैं आपको अपनी एक और कहानी बताने जा रहा हूँ। जैसा कि मैंने अपनी पिछली […]

भाभी की मस्त चुदाई

मन्दाकिनी भाभी बहुत ही सेक्सी, गोरी, स्लिम है। उनका फ़ीगर वेल-मेन्टेन्ड है। वो जब मेरे कमरे में झाडू लगाने आती तो जैसे ही झुकती तो मेरा ध्यान सीधे उनके ब्लाउज़ के अंदर चला जाता।

ज़िन्दगी के अजीब रंग

मैं और कामिनी एक ही ऑफ़िस में काम करते थे। कामिनी ने कस्ट्मर केयर में अभी अभी नया ही जॉइन किया था और मैं अकाऊँटेंट था। वो एक सरल स्वभाव की चुप सी रहने वाली लड़की थी। ऑफ़िस में किसी से ज्यादा बात नहीं करती थी। ऑफ़िस में वेतन का भुगतान मैं ही करता था […]

जवानी फिर ना आये

On 2005-12-17 Category: चुदाई की कहानी Tags:

लेखिका : शमीम बानो कुरेशी जवानी की मस्ती मैं जी भर के लूटना चाहती हूं, लगता है कि बस रोज रात को कोई मुझे दबा कर चोद जाये … जानते है जीवन में जवानी एक ही बार आती है … फिर आ कर ना जाने वाला बुढ़ापा आ जाता है … जी तरसता रह ही […]

बच्चा बड़ा हो गया है

मेरा नाम राहुल है मैं कटनी का रहने वाला हूँ. आज मैं आप सबको मेरी माँ की चुदाई के बारे में बताता हूँ. बात उन दिनों की है जब मैं भोपाल पढ़ाई करने गया था इन्जिनीयरिंग में दाखिले के बाद. मेरे घर में मेरे पापा, मेरी माँ और मैं ही रहते हैं क्योंकि मेरे पापा […]

मेरी गांड को लग गई मौज

On 2005-12-15 Category: गे सेक्स स्टोरी Tags:

लेखक : सनी दोस्तो, सब कैसे हो ! उम्मीद है सब ठीक ठाक होंगे। सभी पाठकों और सबसे पहले आदरणीय गुरूजी को प्रणाम ! आप सबका धन्यवाद जो आप सबने मेरी कहानी ( कैसे बन गया मैं एक चुद्दकड़ गांडू ) को पसंद किया। उसके बाद भी मैंने कुछ कहानिया भेजीं हैं। उम्मीद है कि […]

तन की आग

लेखिका : नेहा वर्मा हम पति पत्नि दोनों ही गांव छोड़ कर नौकरी के सिलसिले में दिल्ली आ गये थे। मेरा देवर भी पढ़ाई के लिये हमारे साथ यहां आ गया था। मेरा देवर राजू कॉलेज में था उसे सुबह जाना होता था और 12 बजे तक वापस आ जाता था। मैं दोनों का नाश्ता […]

बस में डबल वाली सीट

On 2005-12-13 Category: कोई मिल गया Tags:

प्रेषक : रंजन हाय दोस्तों मेरा नाम आर्यन है। वैसे तो मैं उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूँ पर जॉब कोइम्बटोर में करता हूँ। मेरा जॉब मार्केटिंग का है जिसमें घूमना ज्यादा होता है। अब मैं आपको असली बात बताता हूँ। एक बार मैं काम के सिलसिले में कोइम्बटोर से चेन्नई जा रहा था। मैने […]

कॉल गर्ल का पहला कॉल

मेरी टांगें चौड़ी करके उसका चेहरा मेरी चूत पर झुक गया और वहाँ अपना मुँह लगा दिया। 'अरे ये क्या कर रहे हो... ये तो पेशाब की जगह है छी: हटो, जाने क्या कर रहे हो?'

Scroll To Top